अपनी स्ट्रेटेजी को ऑटोमेट करने और बेहतर तरीके से ट्रेडिंग के अवसर ढूंढने में मदद करने के लिए एक स्कैनर का उपयोग करें।


मैं अक्सर ऐसे ट्रेडर्स मिलता हूं जो बहुत लंबे समय से लॉस की स्थितियों में फंसे हैं। एक स्टॉक को पकड़े रहने के लिए उनका स्पष्टीकरण होता है, यह एक अच्छा स्टॉक है जो नीचे है और यहां से पलट रहा है। जब मैं उनसे कहता हूं कि यदि वे अन्य उपलब्ध अवसरों पर जाएं तो बेहतर होगा।  इस पर फिर से उनकी प्रतिक्रिया होती है कि उन्हें नहीं मालूम कि अन्य स्टॉक कैसे ढूंढे जाए। क्या आप भी उन्हीं में से एक हैं?

खैर,  आप अकेले नहीं हैं। यह ट्रेडर्स की एक पुरानी और आम समस्या है।लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि इसेहल करने के लिए सिद्ध, लाभदायक स्टॉक पैकिंग sस्ट्राइटेजीज़ हैं!तो फिर से मुझे गलत मतसमझिएगा। सिर्फ इसलिए कि आप विनर को पिक कर सकते हैं, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं कि आपको फिर कभी कोई लूजर नहीं मिलेगा। वास्तव में सर्वश्रेष्ठ स्ट्रैटेजीज का भी जीतने का अनुपात 70% होता है। लेकिन यदि आपकी स्ट्रेटजी लूजर्स से ज्यादा विनर्सपिक करती है, आप खुद को एकनुकसान वालेट्रेड में पाते हैं,आप जल्द ही अपना नुकसान कट कर सकते हैं और यह विश्वास रख सकते हैं किआपके अगले पिकके सफल होने की संभावनाएं बहुत है। और इसीलिए मैं सोचता हूं कि एक अच्छा स्कैनर हर ट्रेडर के टूलकिट के लिए आवश्यक है।

इस  10  पार्ट की सीरीज में हम आपको एक बेहतर ट्रेडर बनने में मदद करने के लिए कुछ स्कैन स्ट्रैटेजीज़ के बारे में बताएंगे। शुरू करने के लिए,  स्कैनर्स  के कुछ बेसिक नट और बोल्ट देखते हैं।

आपको स्कैनर की आवश्यकता क्यों है?
एनएसई 2000 से भी ज्यादा सिक्योरिटीज़  लिस्टेड  है। दिन में ट्रेड करने के लिए सही स्टॉक  चुनना किसी भी ट्रेडर के लिए एक परेशान करने वाला अनुभव बन सकता है। क्या आप रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े नामों को चुनते हैं? या फिर आप आज की सुर्खियों के सबसे गर्म सेक्टर या स्टॉक को चुनते हैं? इन सवालों का विश्लेषण  और इन्हें हल किया जाना चाहिए।


स्टॉक स्कैनर क्या है ?
तकनीकी स्कैन, कीमत और मूल्य के आधार पर, साधारण मूल्य अलर्ट (नए उतार और चढ़ाव), तकनीकी स्थितियों में % मूल्य परिवर्तन से विशिष्ट चार्ट पैटर्न तक हो सकते हैं।फंदामेंटल स्क़ैंस में बिज़नस ऑपरेशन्स से संबन्धित मेटरिक्स होते हैं जैसे प्राइस अर्निंग रेशो(पी/ई रेशोज़),रेवेन्यू और इन्कम में वृद्धि, बुक वैल्यू आदि शामिल हैं।

आज बहुत से सरल से एड्वान्स्ड़ स्कैनर्स उपलब्ध हैं, लेकिन,एक यूजर की तरह हमें यह ध्यान रखना चाहिए की वे केवल आपको शॉर्टलिस्ट करने में मदद करते हैं।फिर भी आपको एनालिसिस और मॉनिटर करना पड़ता है। ट्रिगर से खुश और कम अनुभवी ट्रेडर्स को खुद को एक ओवर ट्रेडिंग जाल में गिरने से बचाना चाहिए।

हमारा लक्ष्य
हम बाज़ार में उपलब्ध तकनीकी और फंडामेंटल डेटा के व्यूह से खुद को बचाने के लिए हमें स्क़ैंस को अपनी ट्रेडिंग प्रोसेस में उपयोग करना शुरू करना चाहिए।हम उन स्टॉक्स को भी नियमित रूप से ढूंढना चाहते हैं जो उच्च संभावना वाले व्यापार सेट-अप में हैं।मार्केट नॉइस को फिल्टर करने और उन स्टॉक्स का पता लगाने के लिए जो ट्रेडिंग के लिए अच्छे हैं, एक व्यक्ति को अपने मानदंड ध्यान से चुनने चाहिए।कोई यह कैसे कर सकता है?

यह सुनिश्चित करने के लिए आपके पास एक बेसिक क्राइटेरिया होना चाहिए और एक स्पेसिफिक  क्राइटेरिया भी। मार्केट पल्स जैसे कई स्कैनर्स में कई पूर्व-प्रोग्राम किए गए स्कैन हैं लेकिन फिर भी आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकता के लिए सबसे प्रभावी होने के लिए उन्हें ट्वीक करने की आवश्यकता हो सकती है।

एक अच्छे स्टॉक स्कैन के गुण
अपने स्टॉक स्कैन को निर्दिष्ट करते समय,उन स्टॉक को फ़िल्टर करना महत्वपूर्ण है जिनमे आप सामान्य रूप से ट्रेड नहीं करना चाहेंगे। आप यह एक्सचेंज,औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम, मूल्य सीमा और ट्रिगर्स, वॉल्यूम ट्रिगर्स, स्टॉक के प्रकार और अन्य  के विशेषताओं को निर्दिष्ट करके ऐसा कर सकते हैं।
आदर्श रूप से आप अपने स्कैनर से मुट्ठी भर परिणाम चाहते हैं। यदि परिणाम सैकड़ों की संख्या में है तो आपको समझना होगा कि आपके पैरामीटर बहुत फैले हुए हैं और आपको उन्हें कसने की आवश्यकता है।

स्टॉक स्कैनर्स का उपयोग करने के खतरे
एक स्कैनर अच्छे व्यापारियों को अधिक प्रभावी बना सकता है, लेकिन यह एक गरीब व्यापारी को और भी गरीब बना सकता है। स्कैनर के साथ समस्याओं में से एक यह है कि वे स्टॉक्स के टॉप्स और बॉटम्स ढूंढते हैं। स्मार्ट मनी ये अच्छी तरह से जानता है कि जो स्टॉक्स नए उतार या चढ़ाव वाले स्टॉक स्कैनर को हिट करेंगे और नए लोगों को ट्रेडों के पीछे लाएँगे।

प्रभावी ढंग से स्टॉक स्कैनर्स का उपयोग कैसे करें
मैं आपको सीधे ट्रेड में कूदने से पहले कुछ समय के लिए अपने स्कैन के परिणामों से नए स्टॉक्स को मॉनिटर करने और निरीक्षण करने की सलाह देता हूं । कुछ स्टॉक्स में क्लीन ब्रेकआउट हैं जबकि अन्य कीमत में नकली गिरावट के बाद ब्रेकआउट करते हैं।इसकी पुष्टि केवल स्टॉक का अवलोकन करके की जा सकती है। इसमे समय और धैर्य लगता है। यह भी ध्यान में रखें कि स्कैनर्स, पैटर्न बनने के बाद दिखते हैं। शुरुआती कैंडीडेट्स को ढूँढने के लिए स्टॉक स्कैन रिजल्ट्स का उपयोग करें जिन्हें आप पहले ऑब्ज़र्व करें और फिर अपनाएं। उनके ऊपर और नीचे दोनों चालों की निगरानी करने और उनके अपने साथियों और मार्केट के साथ सम्बन्धों को जानने के बाद ही उन्हें ट्रेड करें। पहले अपने इंडिकेटर्स लगाएँ और फिर ट्रेड का आप तक आने का इंतज़ार करें। तैयारी यहाँ पर बहुत महत्वपूर्ण है।

स्कैनर केवल एक टूल है और कुछ नहीं
जब आप स्टॉक स्कैनर का उपयोग करना शुरू करते हैं, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक स्कैनर सिर्फ एक टूल है, और हर टूल की तरह, इसकी प्रभावशीलता भी अपने यूजर पर बहुत अधिक निर्भर करती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके स्कैनर द्वारा दिखाया जानेवाला स्टॉक एक बढ़िया ट्रेडिंग अवसर है, हर एक स्टॉक का विश्लेषण करना आपके ऊपर है।

आगे आनेवाली रणनीतियाँ
इस सिरीज़ के आनेवाले आर्टिकल्स में हम कुछ ऐसी स्कैनिंग स्ट्रैटेजीज को करीब से देखेंगे जिन्हें हम अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।  इसी बीच, मार्केट पल्स पर स्कैनर का उपयोग समझने के लिए आप ये आर्टिकल्स देख सकते हैं-

https://blog.market-pulse.in/getting-started-with-pro-stock-scanner/https://blog.market-pulse.in/how-to-use-filters-to-fine-tune-your-universe/https://blog.market-pulse.in/scans-on-daily-ltp-vs-daily-eod/https://blog.market-pulse.in/auto-scan-what-is-it-how-to-use-it/