पिछले आर्टिकल में हमने जाना कि कैसे एक ट्रेंड की मजबूती का पता लगाने के लिए वॉल्यूम  के साथ प्राइज़ को मिलाकर चैकिन मनी फ़्लो का उपयोग किया जा सकता है। स्टॉक्स में मध्यम और लॉन्ग टर्म ट्रेंड को देखने वालों के लिए भी चैकिन मनी फ़्लो बहुत प्रभावी होता है।

सीएमएफ़ का डीफॉल्ट पीरियड 20 शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए ज़्यादा अनुकूल है। लंबे समय के चार्ट्स के अध्ययन के लिए मैं आपको 60 से 120 के बीच सीएमएफ़ पीरियड के उपयोग की सलाह दूँगा।

सीएमएफ़ 60 के साथ प्लॉट किए गए इन्फी के इस डेली चार्ट में, सीएमएफ़ के ज़ीरो से ऊपर जाने पर खारीदने के संकेत और ज़ीरो से नीचे जाने पर बेचने के संकेत के साधारण नियम के आधार पर हमे 23/11/2017  को 495.60 पर एंट्री और 30/07/2018  को 675.50  को एग्जिट करके अप ट्रेंड का एक बड़ा हिस्सा हथियाने मदद मिलती। अपने लॉन्ग टर्म स्टडीज़ के लिए चैकिन मनी फ़्लो का उपयोग करते समय आप इन पहलुओं को ध्यान में रख सकते हैं:

1.  मनी फ़्लो की सतता

खरीदने के उम्मीदवार की पहचान करते समय उसके पिछले 6 से 9 महीने के महत्वपूर्ण ग्रीन क्षेत्रों के मनी फ़्लो की सतता के प्रमाण देखने चाहिए। सामान्यतः,मनी फ़्लो, समय के साथ होनेवाले प्राइज़ के बदलावों से सम्बद्ध होता है- जैसे प्राइज़ ऊपर बढ़ती है, मनी फ़्लो को औसत रूप से ज़्यादा ग्रीन होना चाहिए और जैसे समय के साथ क्लोजिंग प्राइज़ कम होती है, मनी फ़्लो को ज़्यादा रेड होना चाहिए।

2. मनी फ़्लो दायवर्जेंस

मनी फ्लो डायवर्जेंस तबहोता है जब मनी फ़्लो में प्राइज़ मूव के समान परिवर्तन नहीं आता है। एक नेगेटिव मनी फ़्लो डायवर्जेंस संभावित शॉर्ट-टर्म जोखिम या संभावित शॉर्ट-टर्म प्रत्याशियों की पहचान का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। तो यदि किसी स्टॉक में शॉर्ट-टर्म प्राइज़ उछाल आता है और मनी फ़्लो काफी लाल रहता है तो यह पुलबैक की उच्च संभावना को दर्शाता है।

3. संस्थागत गतिविधि से संबंध

चैकिन मनी फ्लो पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड और हेजफंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों के ऑर्डर फ़्लो पर सीधे नज़र रखे बिना उनके व्यवहार को पहचानने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बड़े संस्थान प्राइज़ पर "क्लोजिंग इफेक्ट" के लिए अनुपातहीन रूप से जिम्मेदार हैं। ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में संस्थागत निवेशकों के शेयरों के बड़े ब्लॉक को ट्रेड करने के लिए उजागर करने की संभावना कम होगी, जो मार्केट को उनके खिलाफ कर सकता है।

जैसे-जैसे सेशन समाप्ती की ओर बढ़ता है वे अपने ऑर्डर पूरे करने में आक्रामक हो जाते हैं, खरीदते समय स्टॉक्स की ऊंची बोलीलगाते हैं और बेचने के लिए कम ऑफर स्वीकारते हैं । एक छोटा लेकिन ध्यान देने योग्य “क्लोजिंगइ फेक्ट” बनाते हैं जो रिटेल ऑर्डर फ्लो के मुकाबले अधिक प्रस्तुत है। चैकिन मनी फ़्लो इस इफेक्ट को मापने में प्रभावी है जो मार्केट को बदलने वाले संस्थानों के खरीदने या बेचने के “सच्चे” संकेतों को बताने में मदद करता है।

कंक्लूजन

चैकिन मनी फ़्लो एक महत्वपूर्णा तकनीकी टूल है जो एनालिस्ट को मार्केट में खरीद और बिक्री के दबाव पर एक अलग नज़रिया देता है। आदर्श रूप से अधिकांश इंडिकेटरों की तरह यह भी ट्रेंड लाइन, मूविंग एवरेज, आरएसआई, स्टोकैस्टिक आरएसआई जैसे अन्य इंडिकेटर्स के साथ मिल कर आपको सर्व श्रेष्ठ परिणाम देता है।