ज़िग ज़ैग इंडिकेटर के बजाय एक टूल है क्योंकि यह ना तो प्राइज़ की चाल का भविष्य बताता है और ना ही खरीदने या बेचने के संकेत देता है। ज़िग ज़ैग की उपयोगिता का श्रेय तीन महत्वपूर्ण गुणों को जाता है।

·  यह एक प्रभावी नॉइस फिल्टर है।
·  यह चित्रों के माध्यम से मुख्य ट्रेंड को बहुत स्पष्टता से दर्शाता है।
·  यह अब भी एक लो-लेवल का इंडिकेटर है क्योंकि प्राइज़ को जटिल गणनाओं से फिल्टर नहीं किया जाता बल्कि प्राइज़ पर ही आधारित है।

ट्रेंडिंग मार्केट में ट्रेडर्स के रुके रहने में एक मुश्किल यह है कि ट्रेंड के खिलाफ प्रतिक्रिया उन्हें उनकी स्थिति से बाहर कर देती है। ज़िग ज़ैग टूल सेट की हुई पर्सेंटेज से कम प्राइज़ की गति को फिल्टर करता है और इसे चार्ट पर एक सीधी लाइन में प्लॉट करता है।

ज़िग ज़ैग प्लॉट करना

उपयोग की जा रही टाइम फ्रेम की क्लोजिंग प्राइजेस के आधार पार ज़िग ज़ैग की गणना की जाती है। उपयोगकर्ता प्राइज़ की उन गतिविधियों के पर्सेंटेज को सेट कर सकता है जो चार्ट पर मार्क की जानी हैं। डीफॉल्ट वैल्यू  3% है।

यह कैसे काम करता है ?

उपयोगकर्ता द्वारा सेट की गई पर्सेंटेज रिवर्सल सीमा है। इस लिए, प्राइज़ ट्रेंड में उलटाव इस लेवल तक नहीं पहुँच पाता तो ज़िग ज़ैग अपरिवर्तित रहेगा। स्पष्ट अपस्विंग या डाउन स्विंग फिल्टर आउट हो जाएगा और पिछला ट्रेंड बिना किसी रुकावट के जारी होता हुआ दिखेगा। एक बार जब प्राइज़ लेवल सीमा तक पहुँच जाता है या उस से आगे बढ़ जाता है,एक नया ज़िग ज़ैग लेवल मार्क किया जाता है और एल्गोरिथम विपरीत दिशा में रिवर्सल ढूँढता है।

संवेदनशीलता

ज़िग ज़ैग की संवेदनशीलता पर्सेंटेज सेटिंग पर निर्भर करेगी। छोटे पर्सेंटेज का परिणाम दिशा में अधिक बदलाव के साथ अधिक लाइने होंगी। इसीलिए, जिस स्टॉक या कमोडिटी को आप ट्रैक कर रहे हैं उसके लिए एक “सही” पर्सेंटेज-जो ट्रेडर को ट्रेंड के लंबे भाग के लिए मार्केट में रहने और चार्ट पार बदलावों को उजागर करने के ज़रूरी है, तय करने के लिए उसके पुराने ट्रेंड्स के साथ प्रयोग ज़रूरी है।

ज़िग ज़ैग के साथ डे ट्रेडिंग

ज़िग ज़ैग का उपयोग किसी भी टाइम फ्रेम में किया जा सकता है लेकिन पर्सेंटेज तदनुसार सेट किया जाना चाहिए। एक 15-मिनट का इंट्रा-डे निफ्टी चार्ट को 025% या 0.50% पर सेट करना चाहिए क्योंकि डे-ट्रेडर के लिए बड़ी मूव्स महत्व हीन होती हैं।

उपयोग

ज़िग ज़ैग को अक्सर चार्ट्स पर निम्न का पता लगाने के लिए किया जाता है:

·  ट्रेंड्स
·  टॉप्स और बॉटम्स
·  सपोर्ट और रेजिस्टेंस ज़ोन
·  एलियट वेव काउंट्स
·  ट्रेंड रिट्रेस्मेंट्स
·  फिबोनाचि लेवल्स
·  हारमोनिक पैटर्न्स
·  वोल्फ वेव्स आदि

सीमा

  • ज़िग ज़ैग भविष्य में आगे नहीं देख सकता और आपको सटीक रूप से यह नहीं बता सकता कि मार्केट कब दिशा बदलेगा। चार्ट पर आखरी लाइन बनाने से पहले कुछ बार्स कि देरी भी होती है। चार्ट पर सबसे नई लाइन तब तक अपडेट नहीं होती जब तक कि उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित प्रतिशत के आधार पर इंडिकेटर यह निर्णय नहीं लेता कि मार्केट ने एक नए बिन्दु को छुआ है।और उस पॉइंट पर वह लाइन को कमिट और फिक्स  करता है और फिर नई की तलाश करता है। इसका मतलब यह है कि चार्ट पर सबसे नई लाइन तब तक रहेगी जब तक एल्गोरिथम यह सुनिश्चित नही कर लेता कि मार्केट में प्राइज़ में एक छोटा बदलाव नहीं बल्कि एक मोड आ गया है।
  • भले ही ज़िग ज़ैग इंडिकेटर भविष्य बताने वाला न हो, फिर भी यह बहुत उपयोगी है। इसका उपयोग अक्सर एलियट वेव काउंट्स जैसी एप्लीकेशन्स के साथ किया जाता है। एनालिस्ट फिबोनाचि प्रोजेक़्शंस और रिट्रेस्मेंट्स की पहचान कराने के लिए लाइंस बनाने के लिए एटिहासिक हाइज़ और लॉज का उपयोग भी किया जा सकता है। डबल बॉटम, डबल टॉप और हेड एंड शोल्डर्स जैसे पाइटर्न्स भी निर्धारित किए जा सकते हैं।